You are currently viewing फासले बताते हैं रिश्ता कितना गहरा है,
हर साथ खाने पीने को दोस्ती नहीं कहते,,
लफ्…
फासले-बताते-हैं-रिश्ता-कितना-गहरा-है-हर-साथ-खाने

फासले बताते हैं रिश्ता कितना गहरा है, हर साथ खाने पीने को दोस्ती नहीं कहते,, लफ्…

फासले बताते हैं रिश्ता कितना गहरा है,
हर साथ खाने पीने को दोस्ती नहीं कहते,,
लफ्ज़ खुद ही उतरते हैं ढूंढने नहीं पढ़ते,
सिर्फ क़ाफिया मिलाने को शायरी नहीं कहते,,
Follow 100% Follow Back
👉 @Ishu_ansari_1_3
👉 @S_P_K_khan
👉 @Mdi_Riz329

#ArrestNarsinganand
#arestNarsinghanand https://t.co/2lXoRiqmcs
फासले बताते हैं रिश्ता कितना गहरा है,
हर साथ खाने पीने को दोस्ती नहीं कहते,,
लफ्…

फासले बताते हैं रिश्ता कितना गहरा है,
हर साथ खाने पीने को दोस्ती नहीं कहते,,
लफ्ज़ खुद ही उतरते हैं ढूंढने नहीं पढ़ते,
सिर्फ क़ाफिया मिलाने को शायरी नहीं कहते,,
Follow 100% Follow Back
👉 @Ishu_ansari_1_3
👉 @S_P_K_khan
👉 @Mdi_Riz329

#ArrestNarsinganand
#arestNarsinghanand https://t.co/2lXoRiqmcs
#फसल #बतत #ह #रशत #कतन #गहर #हहर #सथ #खन #पन #क #दसत #नह #कहतलफ

Twitter shayarish by Salman Shekh इलाहाबादी

Leave a Reply