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कभी कहीं, कभी कहीं, कदम पड़ते हैं…

फिरका…

परिंदों की तरह हम भी उड़ान भरते हैं, कभी कहीं, कभी कहीं, कदम पड़ते हैं… फिरका…

परिंदों की तरह हम भी उड़ान भरते हैं,
कभी कहीं, कभी कहीं, कदम पड़ते हैं…

फिरका परस्त तो #शमा हम भी नहीं है,
हर एक इंसान से हम मोहब्बत करते हैं…

#Shama_Rahman
#बज़्म @Rekhta #काव्यांश #शायरी https://t.co/VSYohUr3Xl
परिंदों की तरह हम भी उड़ान भरते हैं,
कभी कहीं, कभी कहीं, कदम पड़ते हैं…

फिरका…

परिंदों की तरह हम भी उड़ान भरते हैं,
कभी कहीं, कभी कहीं, कदम पड़ते हैं…

फिरका परस्त तो #शमा हम भी नहीं है,
हर एक इंसान से हम मोहब्बत करते हैं…

#Shama_Rahman
#बज़्म @Rekhta #काव्यांश #शायरी https://t.co/VSYohUr3Xl
#परद #क #तरह #हम #भ #उडन #भरत #हकभ #कह #कभ #कह #कदम #पडत #हफरक

Twitter shayarish by Shama Rahman

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