नींद आंखों से रूखसत हैं। ख्यालों को न अब फुर्सत है। सोचा था अब गवारा नहीं इश्क फ…

नींद आंखों से रूखसत हैं।
ख्यालों को न अब फुर्सत है।
सोचा था अब गवारा नहीं इश्क
फकत ए इश्क भी कमबख्त है।
आरजू ये, फसाना अब ना दोहराए।
कहीं मुझको मोहब्बत फिर ना होजाये

#बज़्म #शायरी
नींद आंखों से रूखसत हैं।
ख्यालों को न अब फुर्सत है।
सोचा था अब गवारा नहीं इश्क
फ…

नींद आंखों से रूखसत हैं।
ख्यालों को न अब फुर्सत है।
सोचा था अब गवारा नहीं इश्क
फकत ए इश्क भी कमबख्त है।
आरजू ये, फसाना अब ना दोहराए।
कहीं मुझको मोहब्बत फिर ना होजाये

#बज़्म #शायरी
#नद #आख #स #रखसत #हखयल #क #न #अब #फरसत #हसच #थ #अब #गवर #नह #इशकफ

Twitter shayarish by GS Rathoud 🇮🇳

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