ध्यान देना अंकिल जी आपके लिए एक धुंआधार शायरी पेश कर रही हूं भटकते भटकते सुबह हो…

[ad_1]

ध्यान देना अंकिल जी
आपके लिए एक धुंआधार शायरी पेश कर रही हूं👇
भटकते भटकते सुबह हो गई
गा D में पड़ गए छाले
गा d फट के गुफा हो गई
वाह रे भटकी के लाले😂
#वाह_करो 😂😂
[ad_2]

Source by 【SUNITA DIXIT】

Leave a Reply