You are currently viewing दूरियां बहुत हैं मगर इतना समझ लो
पास रह कर ही कोई ख़ास नहीं होता
तुम इस कदर पास …
-बहुत-हैं-मगर-इतना-समझ-लो-पास-रह-कर

दूरियां बहुत हैं मगर इतना समझ लो पास रह कर ही कोई ख़ास नहीं होता तुम इस कदर पास …

[ad_1]

दूरियां बहुत हैं मगर इतना समझ लो
पास रह कर ही कोई ख़ास नहीं होता
तुम इस कदर पास हो मेरे दिल के
मुझे दूरियों का एहसास नहीं होता
#सुप्रभात #बज़्म #शायरांश
hindishayari#हिंदी_शब्द #पहल #अल्फ़ाज़े_बयां #सरस #वीणा #झंकार #संस्कार #HindiNews #hindishayari #hindipoetry #शायरी #shayari https://t.co/Pc9amr4HTf
[ad_2]

Source by Simple Bunty

Leave a Reply