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जो रूह को सुनाई दे, उसे खामोशी कहते हैं …!…
दस्तक-और-आवाज़-तो-कानों-के-लिए-है-जो-रूह

दस्तक और आवाज़ तो कानों के लिए है, जो रूह को सुनाई दे, उसे खामोशी कहते हैं …!…

दस्तक और आवाज़ तो कानों के लिए है,

जो रूह को सुनाई दे, उसे खामोशी कहते हैं …!!!

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दस्तक और आवाज़ तो कानों के लिए है,

जो रूह को सुनाई दे, उसे खामोशी कहते हैं …!…

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जो रूह को सुनाई दे, उसे खामोशी कहते हैं …!!!

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Twitter shayarish by जीतेन्द्र कुमार ~ Jeetendra Kumar

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