तोड़ दी कलम और फाड़ दी डायरी जब कोई बाबू नहीं है तो किसको सुनाऊं शायरी…

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तोड़ दी कलम और फाड़ दी डायरी

जब कोई बाबू नहीं है तो किसको सुनाऊं शायरी😂
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Source by Shamsheer Ansari

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