तुम नफरतों का सैलाब लिए बैठे हो ढूंढता हूं फिर भी जानबूझ कर , समंदर मोहब्बत का ल…

तुम नफरतों का सैलाब लिए बैठे हो
ढूंढता हूं फिर भी जानबूझ कर ,
समंदर मोहब्बत का लेके आओगे
दिल कहता है सब्र कर ।।
-Ашок
#शायरी
#ShayriTwitter
#shayri
#dil
तुम नफरतों का सैलाब लिए बैठे हो
ढूंढता हूं फिर भी जानबूझ कर ,
समंदर मोहब्बत का ल…

तुम नफरतों का सैलाब लिए बैठे हो
ढूंढता हूं फिर भी जानबूझ कर ,
समंदर मोहब्बत का लेके आओगे
दिल कहता है सब्र कर ।।
-Ашок
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Twitter shayarish by Ашок

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