जिन्होंने देश के लिए कांटे ही बोए हैं वे खुद उन कांटों की शिकायत कर रहे हैं। घर …

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जिन्होंने देश के लिए कांटे ही बोए हैं वे खुद उन कांटों की शिकायत कर रहे हैं। घर मे रह, नही तो नई शायरी करनी पड़ेगी 72 हूरों के लिए। थूकलमान। https://t.co/anLoKFnwy4
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Source by नरेंद्र