जिक्र तो आज भी रहता है उसका ख्यालों में मेरे , मगर दिल ने इनकार कर दिया कुबूल कर…

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जिक्र तो आज भी रहता है उसका ख्यालों में मेरे ,
मगर दिल ने इनकार कर दिया कुबूल करने से उसे,
क्यूंकि अधूरा इश्क़ कुबूल करना गंवारा नहीं मुझे।
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Source by जज़्बात_दिल_से❤️

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