ज़रूरी नहीं, कि नज़दीकियों में ही प्यार हो, फ़ासलों में भी, इश्क़ की बुलंदियाँ द…

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ज़रूरी नहीं, कि नज़दीकियों में ही प्यार हो,
फ़ासलों में भी, इश्क़ की बुलंदियाँ देखी है हमने! #बज़्म #शायरी #शायरांश
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Source by #बे-वजह✍