ज़रा सी फैली स्याही है , ज़रा से बिखरे हुए ग़म भी हैं ..!! शायरी में सिर्फ़ लफ…

[ad_1]

ज़रा सी फैली स्याही है ,
ज़रा से बिखरे हुए ग़म भी हैं ..!!
❤️
शायरी में सिर्फ़ लफ़्ज़ ही नहीं ,
छुपे हुए कुछ हम भी है

#monu_meri_jaan ❤️
[ad_2]

Source by Saurabh

Leave a Reply