जरा यूं ही कुछ देर मेरे सामने बैठो ना…. मैं तुम्हारी काज़ल लगी इन आँखों को द…

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जरा यूं ही कुछ देर
मेरे सामने बैठो ना….
मैं तुम्हारी काज़ल लगी इन
आँखों को देखकर
लिखना चाहता हूं..
कहानियां, कविताएं
गीत, ग़ज़ल, श़ायरी,
और भी बहुत कुछ..
वो सारे पर्याय लिखना चाहता हूं
जो साहित्य में किसी
सुंदरी के लिए प्रयुक्त हुए..

बस कुछ देर बैठो ना…❣️

@aartnaad
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Source by मल्हार

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