जब ये किस्मत ने लिख ही रक्खा था, मिल ही जाते कभी कहीं हम तुम। काश हो जाय प्यार …

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जब ये किस्मत ने लिख ही रक्खा था,
मिल ही जाते कभी कहीं हम तुम।

काश हो जाय प्यार पहले सा,
फिर मिले बन के अज़नबी हम तुम।

जैसी आगे हो फिर तेरी मर्जी,
कुछ क़दम साथ तो चलें हम तुम।

प्यार अब भी दबा है दिल में कहीं,
वरना मिलते न फिर से यूं हम तुम।

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Source by शैलशायरी (Shailshayri)

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