जनहित में, शायरों से गुजारिश है कि मेहरबानी करके ऐसी शायरी न लिखें कि- ——सु…

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जनहित में,
शायरों से गुजारिश है कि मेहरबानी करके ऐसी शायरी न लिखें कि-
——सुलग जाएं!🤔😂😂
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Source by 💎इंजि.वेद प्रकाश बंसीवाल #३ह👈

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