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पता नहीं कैसा ये कोरोना रूपी ज़हर है।
हर कोई …
चारों-तरफ-अजीब-सा-फैला-ये-कहर-है।-पता-नहीं

चारों तरफ अजीब सा फैला ये कहर है। पता नहीं कैसा ये कोरोना रूपी ज़हर है। हर कोई …

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चारों तरफ अजीब सा फैला ये कहर है।
पता नहीं कैसा ये कोरोना रूपी ज़हर है।
हर कोई फसता चला जा रहा है इस में।
जो बच गए उनपर भगवान की महर है।।
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Source by ☀️सूर्यप्रताप सिंह चौहान☀️

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