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क्या करोगे जागकर अधखुली आँखों से 
क…
-की-दस्तक-से-जागो-दिन-सुहावना-आया-है-क्या

ख्वाबों की दस्तक से जागो दिन सुहावना आया है, क्या करोगे जागकर अधखुली आँखों से क…

ख्वाबों की दस्तक से जागो दिन सुहावना आया है,
क्या करोगे जागकर अधखुली आँखों से
कोई शायरी, ग़ज़ल लिख लो, मगर..
शायर होने के लिए आशिक होना जरुरी है,
सिर्फ कलम से दिल के हाल जाहिर नहीं होते,
बंद आँखों से ख्वाब सबनें देखा है,
खुली आँखों से देख सके सब इतने माहिर नहीं होते
#बज़्म https://t.co/VGbwAnpxBc
ख्वाबों की दस्तक से जागो दिन सुहावना आया है,
क्या करोगे जागकर अधखुली आँखों से
क…

ख्वाबों की दस्तक से जागो दिन सुहावना आया है,
क्या करोगे जागकर अधखुली आँखों से
कोई शायरी, ग़ज़ल लिख लो, मगर..
शायर होने के लिए आशिक होना जरुरी है,
सिर्फ कलम से दिल के हाल जाहिर नहीं होते,
बंद आँखों से ख्वाब सबनें देखा है,
खुली आँखों से देख सके सब इतने माहिर नहीं होते
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