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ओठ से ओठ मेरे मिलाकर
प्यास मेरे दिल की जरा बुझा दे 
नशिला …
खूबसुरत-गुनाह-तू-करले-ओठ-से-ओठ-मेरे-मिलाकर-प्यास

खूबसुरत गुनाह तू करले ओठ से ओठ मेरे मिलाकर प्यास मेरे दिल की जरा बुझा दे नशिला …

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खूबसुरत गुनाह तू करले
ओठ से ओठ मेरे मिलाकर
प्यास मेरे दिल की जरा बुझा दे
नशिला जाम मुझे आँखो से पिलाकर
#हिंदी_शब्द #शायरी https://t.co/jRuyhWze9Q
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Source by Roshan hagawane

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