कुछ तो चाहत रही होगी उन बारिश की बूंदों की वरना कोन गिरता है ज़मीन से आसमान तक प…

[ad_1]

कुछ तो चाहत रही होगी उन बारिश की बूंदों की
वरना कोन गिरता है ज़मीन से आसमान तक पहुँचने के बाद।
@shayari @shayari6 #हिंदी_शब्द #हिंदी #शायरी #शायरांश
[ad_2]

Source by Shayari World

Leave a Reply