किराय दार हे जाती मकान थोड़ी हे सभी का खून हे सामिल यहा की मिट्टी हे किसी के बाप…

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किराय दार हे जाती मकान थोड़ी हे
सभी का खून हे सामिल यहा की मिट्टी हे किसी के बाप का थोड़ी हे
इंदौरी साहब की शायरी
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Source by Naseem

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