किया बादलों में सफर ज़िंदगी भर, ज़मीन पर बनाया ना घर ज़िंदगी भर । मोहब्बत रही च…

  • Post category:Best-Shayari

किया बादलों में सफर ज़िंदगी भर,
ज़मीन पर बनाया ना घर ज़िंदगी भर ।

मोहब्बत रही चार दिन ज़िंदगी में,
रहा चार दिन का असर ज़िंदगी भर ।।

#शायरी #बज़्म #रेखता
किया बादलों में सफर ज़िंदगी भर,
ज़मीन पर बनाया ना घर ज़िंदगी भर ।

मोहब्बत रही च…

किया बादलों में सफर ज़िंदगी भर,
ज़मीन पर बनाया ना घर ज़िंदगी भर ।

मोहब्बत रही चार दिन ज़िंदगी में,
रहा चार दिन का असर ज़िंदगी भर ।।

#शायरी #बज़्म #रेखता
#कय #बदल #म #सफर #जदग #भरजमन #पर #बनय #न #घर #जदग #भर #महबबत #रह #च

Twitter shayarish by Qasim