You are currently viewing किन लफ्जों में लिखूँ मैं अपने इंतज़ार को तुम्हें,
बेजुबां है इश्क़ मेरा ढूंढ़ता …
किन-लफ्जों-में-लिखूँ-मैं-अपने-इंतज़ार-को-तुम्हें-बेजुबां

किन लफ्जों में लिखूँ मैं अपने इंतज़ार को तुम्हें, बेजुबां है इश्क़ मेरा ढूंढ़ता …

किन लफ्जों में लिखूँ मैं अपने इंतज़ार को तुम्हें,
बेजुबां है इश्क़ मेरा ढूंढ़ता है खामोशी से तुझे।
#Jaipur #LoveStory #shayari #Shayariquotes
#हिंदी_शब्द #शायरी #बज़्म #शायरांश
#Gazal #Gulzar Mission Jindagi https://t.co/rsrBQg7dXg
किन लफ्जों में लिखूँ मैं अपने इंतज़ार को तुम्हें,
बेजुबां है इश्क़ मेरा ढूंढ़ता …

किन लफ्जों में लिखूँ मैं अपने इंतज़ार को तुम्हें,
बेजुबां है इश्क़ मेरा ढूंढ़ता है खामोशी से तुझे।
#Jaipur #LoveStory #shayari #Shayariquotes
#हिंदी_शब्द #शायरी #बज़्म #शायरांश
#Gazal #Gulzar Mission Jindagi https://t.co/rsrBQg7dXg
#कन #लफज #म #लख #म #अपन #इतजर #क #तमहबजब #ह #इशक #मर #ढढत

Twitter shayarish by Manisha Choudhary

Leave a Reply