ओस की बूँदें फूलों को भिगा रहीं हैं, हवा की लहरें एक ताज़गी जगा रहीं हैं, आइये औ…

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ओस की बूँदें फूलों को भिगा रहीं हैं,
हवा की लहरें एक ताज़गी जगा रहीं हैं,
आइये और हो जाइये आप भी इसमें शामिल,
एक प्यारी सी सुबह आपको बुला रही है।

सुप्रभात दोस्तों। 🌈 ☀️💐

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Source by @VishalTripathi

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