एक समय के बाद हम इंसान के लौटने से ज़्यादा उस स्मृति के लौटने की कल्पना करते हैं…

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एक समय के बाद हम इंसान के लौटने से ज़्यादा उस स्मृति के लौटने की कल्पना करते हैं जिसको हम उस इंसान के साथ जी चुके होते हैं।

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Source by सुनील पंवार ✍️

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