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…..एक बार मुझे इजाज़त दे तेरे हुस्न पर शेर पढ़ने की सारी महफ़िल को तेरा दीव…

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…..एक बार मुझे इजाज़त दे तेरे हुस्न पर शेर पढ़ने की सारी महफ़िल को तेरा दीवना ना कर दूँ तो लानत है मेरी शायरी पर..!!!
💕💕 Good morning 💕💕 https://t.co/okDNPPqVpz
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Source by Ayush Pandey 🎭🎭🚬🚬

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