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ज़ख्म  हो  जिस्म  पे अगर  तो दवा  भी करिए
कत्ल हो दिल, वज…
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एक ख़्याल यों देखें : ज़ख्म हो जिस्म पे अगर तो दवा भी करिए कत्ल हो दिल, वज…

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एक ख़्याल यों देखें :

ज़ख्म हो जिस्म पे अगर तो दवा भी करिए
कत्ल हो दिल, वजूद, ख़्वाब, यकीं करिए क्या ।
-राहुल द्विवेदी ‘स्मित’

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Source by RJ राहुल द्विवेदी ‘स्मित’ (अकाशवाणी लखनऊ)

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