अपने लफ्जो को गोल गोल घुमा रहा हूं आज शायरी जलेबी से भी मीठी बना रहा हूं……

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अपने लफ्जो को गोल गोल घुमा रहा हूं
आज शायरी जलेबी से भी मीठी बना रहा हूं…
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Source by Mayank Sharma

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