Chandi Jaisa Rang Hai Gori Lyrics-Pankaj Udhas, Ek Hi Maqsad

Title – चाँदी जैसा रंग है गोरी Lyrics
Movie/Album- एक ही मक़सद -1988
Music By- पंकज उदास
Lyrics- मुमताज़ रशीद
Singer(s)- पंकज उदास

चाँदी जैसा रंग है तेरा
सोने जैसे बाल
एक तू ही धनवान है गोरी
बाकी सब कंगाल

जिस रस्ते से तू गुज़रे, वो फूलों से भर जाये
तेरे पैर की कोमल आहट, सोते भाग जगाये
जो पत्थर छू ले गोरी तू, वो हीरा बन जाये
तू जिसको मिल जाए वो, हो जाए मालामाल
एक तू ही धनवान…

जो बे-रंग हो उस पर क्या क्या रंग जमाते लोग
तू नादान न जाने कैसे रूप चुराते लोग
नज़रें भर-भर देखें तुझको, आते-जाते लोग
छैल-छबीली रानी थोड़ा, घूँघट और निकाल
एक तू ही धनवान…

धनक घटा कलियाँ और तारे, सब हैं तेरा रूप
गजलें हों या गीत हों मेरे, सब में तेरा रूप
यूँ ही चमकती रहे हमेशा, तेरे हुस्न की धूप
तुझे नज़र ना लगे किसी की, जीये हज़ारों साल
एक तू ही धनवान…

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