❤TERI YAAD❤ जिस शाम बरसते है तेरी याद के बादल,

❤TERI YAAD❤
जिस शाम बरसते है तेरी याद के बादल,
उस वक्त कोई भी हिजर का तारा नहीं होता ||
यु ही मेरे पहलु मैं चले आते हैं अक्सर,
वो दर्द जिन्हे मैने कभी पुकारा नहीं होता ||

Leave a Reply